हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के गुलिस्तान प्रांत के 945 सुन्नी विद्वानो ने एक बयान जारी करते हुए दुशमनो को संबोधित करते हुए कहा हैः
हम अपने चतुर और बुद्धिमान उम्मत के नेता और सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई की शहादत पर ईरान की जनता और पूरी इस्लामी उम्मत को संवेदना प्रस्तुत करते है।
यह दर्दनाक घटना हालाकि मुसलमानो और हमारे राष्ट्र के दिलो को ग़मग़ीन कर गई है लेकिन उसने धैर्य, प्रतिरोध और दृढ़ता के मार्ग को जारी रखने के लिए रौशन चिराग भी चलाया है।
दुशनो को ज्ञात होना चाहिए कि हमारे प्रियो की शहादत से ईरानी जनता का मज़बूत इरादा कमजोर नही होगा बल्कि हम पहले से अधिक मज़बूती के साथ अपने वादा पर बाकी रहेंगे।
पवित्र एकता, धैर्य और दृढ़ता हमारा हथियार है और शहीदो के रास्ते को जारी रखना हमारा कर्तव्य है। इस्लाम के दुशमन इस तरह के अज्ञानता भरी कार्रवाई से अपने उद्देशयो मे सफल नही होंगे बल्कि इसके विपरीत मुसलमानो के ईमान, चेतना और क़ुरआन से लगाव को अधिक मज़बूत करेंगे और क्रांति की प्रणाली के नजरयात और शहीद के विचार को मजबूत करेगें।
हम अपने शहीद सुप्रीम लीडर से वादा करते है कि इस अज़ीम रूहानी शख्सियत के पवित्र विचार की रक्षा करेंगे और राष्ट्रो और संप्रदायो के बीच एकता के लिए प्रयास करते रहेंगे ताकि इस्लाम की नई संस्कृति की स्थापना का मार्ग प्रश्स्त हो सके।
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